वणिज् शब्द के रूप | Vanij Shabd Roop in Sanskrit
Vanij Shabd Roop in Sanskrit – वणिज् (व्यापारी), शब्द जकारान्त पुल्लिङ्ग् संज्ञा शब्द है। सभी जकारान्त पुल्लिङ्ग् संज्ञाओ के रूप इसी प्रकार बनते हैं, जैसे- युज् (जोड़ना, Addition), ऋत्विज् (ऋत्विक्, ऋत्विग्), खञ्ज् (लँगड़ा या पंगु), देवेज् (देवताओं की पूजा करने वाला), राज् (राज्य, शासन), भिषज् (वैद्य, चिकित्सक, औषधि) आदि।
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | वणिक् / वणिग् | वणिजौ | वणिजः |
| द्वितीया | वणिजम् | वणिजौ | वणिजः |
| तृतीया | वणिजा | वणिग्भ्याम् | वणिग्भिः |
| चतुर्थी | वणिजे | वणिग्भ्याम् | वणिग्भ्यः |
| पंचमी | वणिजः | वणिग्भ्याम् | वणिग्भ्यः |
| षष्ठी | वणिजः | वणिजोः | वणिजाम् |
| सप्तमी | वणिजि | वणिजोः | वणिक्षु |
| सम्बोधन | हे वणिक् / वणिग्! | हे वणिजौ! | हे वणिजः! |
अजन्त (अकारांत) पुल्लिङ्ग् शब्द रूप (Shabd Roop)

