गृह शब्द के रूप | Grih Shabd Roop in Sanskrit
Grih Shabd Roop in Sanskrit – गृह शब्द अकारांत नपुंसकलिंग संज्ञा शब्द है। सभी नपुंसकलिंग संज्ञाओ के रूप इसी प्रकार बनायें जाते हैं, जैसे- फल, ज्ञान, धन, जल, अन्न, हृदय, वन, कमल, कुल, कार्य, काल, कोमल, कौशल, क्षेत्र, ऋण, उपवन, नगर, गृह, पुष्प, पत्र, कमल, बल, पुस्तक, दुग्ध, मित्र, मुख, नक्षत्र आदि।
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | गृहम् | गृहे | गृहाणि |
| द्वितीया | गृहम् | गृहे | गृहाणि |
| तृतीया | गृहेण | गृहाभ्याम् | गृहैः |
| चतुर्थी | गृहाय | गृहाभ्याम् | गृहेभ्यः |
| पंचमी | गृहात् / गृहाद् | गृहाभ्याम् | गृहेभ्यः |
| षष्ठी | गृहस्य | गृहयोः | गृहाणाम् |
| सप्तमी | गृहे | गृहयोः | गृहेषु |
| सम्बोधन | हे गृह! | हे गृहे! | हे गृहाणि! |
अजन्त (अकारांत) पुल्लिङ्ग् शब्द रूप (Shabd Roop)

