एकाकिन् शब्द के रूप | Ekakin Shabd Roop in Sanskrit
एकाकिन् शब्द के रूप | Ekakin Shabd Roop in Sanskrit
Ekakin Shabd Roop in Sanskrit – एकाकिन् (अकेला) शब्द नकारान्त पुल्लिङ्ग् संज्ञा शब्द है। सभी नकारान्त पुल्लिङ्ग् संज्ञाओ के रूप इसी प्रकार बनते हैं, जैसे- आत्मन्, अर्यमन्, अर्वन्, ऋभुक्षिन्, करिन्, गुणिन्, तपस्विन्, दण्डिन्, धनिन्, पक्षिन्, पथिन्, पूषन्, ब्रह्मन्, बलिन्, मघवन्, मथिन्, मन्त्रिन्, युवन्, यशस्विन्, राजन्, वृत्रहन्, श्वन्, ज्ञानिन् आदि।
विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
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प्रथमा | एकाकी | एकाकिनौ | एकाकिनः |
द्वितीया | एकाकिनम् | एकाकिनौ | एकाकिनः |
तृतीया | एकाकिना | एकाकिभ्याम् | एकाकिभिः |
चतुर्थी | एकाकिने | एकाकिभ्याम् | एकाकिभ्यः |
पंचमी | एकाकिनः | एकाकिभ्याम् | एकाकिभ्यः |
षष्ठी | एकाकिनः | एकाकिनोः | एकाकिनाम् |
सप्तमी | एकाकिनि | एकाकिनोः | एकाकिषु |
सम्बोधन | हे एकाकिन्! | हे एकाकिनौ! | हे एकाकिनः! |
अजन्त (अकारांत) पुल्लिङ्ग् शब्द रूप (Shabd Roop)