गीत शब्द के रूप | Geet Shabd Roop in Sanskrit
Geet Shabd Roop in Sanskrit – गीत शब्द अकारांत नपुंसकलिंग संज्ञा शब्द है। सभी नपुंसकलिंग संज्ञाओ के रूप इसी प्रकार बनायें जाते हैं, जैसे- फल, ज्ञान, धन, जल, अन्न, हृदय, वन, कमल, कुल, कार्य, काल, कोमल, कौशल, क्षेत्र, ऋण, उपवन, नगर, गृह, पुष्प, पत्र, कमल, बल, पुस्तक, दुग्ध, मित्र, मुख, नक्षत्र आदि।
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | गीतम् | गीते | गीतानि |
| द्वितीया | गीतम् | गीते | गीतानि |
| तृतीया | गीतेन | गीताभ्याम् | गीतैः |
| चतुर्थी | गीताय | गीताभ्याम् | गीतेभ्यः |
| पंचमी | गीतात् / गीताद् | गीताभ्याम् | गीतेभ्यः |
| षष्ठी | गीतस्य | गीतयोः | गीतानाम् |
| सप्तमी | गीते | गीतयोः | गीतेषु |
| सम्बोधन | हे गीत! | हे गीते! | हे गीतानि! |
अजन्त (अकारांत) पुल्लिङ्ग् शब्द रूप (Shabd Roop)

