जानु शब्द के रूप | Janu Shabd Roop in Sanskrit
Janu Shabd Roop in Sanskrit – जानु शब्द उकारान्त नपुंसकलिंङ्ग् संज्ञा शब्द है। सभी उकारान्त नपुंसकलिंङ्ग् संज्ञाओ के रूप इसी प्रकार बनते हैं, जैसे- अम्बु, अश्रु (आँसू), चारु, तालु, मधु, लघु, वसु, वस्तु, सानु आदि।
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | जानु | जानुनी | जानूनि |
| द्वितीया | जानु | जानुनी | जानूनि |
| तृतीया | जानुना | जानुभ्याम् | जानुभिः |
| चतुर्थी | जानुने | जानुभ्याम् | जानुभ्यः |
| पंचमी | जानुनः | जानुभ्याम् | जानुभ्यः |
| षष्ठी | जानुनः | जानुनोः | जानूनाम् |
| सप्तमी | जानुनि | जानुनोः | जानुषु |
| सम्बोधन | हे जानो! | हे जानुनी! | हे जानूनि! |
अजन्त (अकारांत) पुल्लिङ्ग् शब्द रूप (Shabd Roop)

