ऋण शब्द के रूप | Rin Shabd Roop in Sanskrit
Rin Shabd Roop in Sanskrit – ऋण शब्द अकारांत नपुंसकलिंग संज्ञा शब्द है। सभी नपुंसकलिंग संज्ञाओ के रूप इसी प्रकार बनायें जाते हैं, जैसे- फल, ज्ञान, धन, जल, अन्न, हृदय, वन, कमल, कुल, कार्य, काल, कोमल, कौशल, क्षेत्र, नगर, गृह, पुष्प, पत्र, कमल, बल, पुस्तक, दुग्ध, मित्र, मुख, नक्षत्र आदि।
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | ऋणम् | ऋणे | ऋणानि |
| द्वितीया | ऋणम् | ऋणे | ऋणानि |
| तृतीया | ऋणेन | ऋणाभ्याम् | ऋणैः |
| चतुर्थी | ऋणाय | ऋणाभ्याम् | ऋणेभ्यः |
| पंचमी | ऋणात् / ऋणाद् | ऋणाभ्याम् | ऋणेभ्यः |
| षष्ठी | ऋणस्य | ऋणयोः | ऋणानाम् |
| सप्तमी | ऋणे | ऋणयोः | ऋणेषु |
| सम्बोधन | हे ऋण! | हे ऋणे! | हे ऋणानि! |
अजन्त (अकारांत) पुल्लिङ्ग् शब्द रूप (Shabd Roop)

