युद्ध शब्द के रूप | Yuddh Shabd Roop in Sanskrit
युद्ध शब्द के रूप | Yuddh Shabd Roop in Sanskrit
Yuddh Shabd Roop in Sanskrit – युद्ध शब्द अकारांत नपुंसकलिंग संज्ञा शब्द है। सभी नपुंसकलिंग संज्ञाओ के रूप इसी प्रकार बनायें जाते हैं, जैसे- फल, ज्ञान, धन, जल, अन्न, हृदय, वन, कमल, कुल, कार्य, काल, कोमल, कौशल, क्षेत्र, ऋण, उपवन, नगर, गृह, खाद्य, चक्र, चित्र, चरित्र, छत्र, जन्म, जीवन, दुग्ध (दूध), दिन, द्वार, नगर, पत्र, पुष्प (फूल), पुस्तक, पद्य, बल, भय (Fear, डर), भवन (महल), भाग्य, भोजन, मनोहर, मन्दिर, मित्र, मुख, मधुर, यन्त्र, युग आदि।
विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
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प्रथमा | युद्धम् | युद्धे | युद्धानि |
द्वितीया | युद्धम् | युद्धे | युद्धानि |
तृतीया | युद्धेन | युद्धाभ्याम् | युद्धैः |
चतुर्थी | युद्धाय | युद्धाभ्याम् | युद्धेभ्यः |
पंचमी | युद्धात् / युद्धाद् | युद्धाभ्याम् | युद्धेभ्यः |
षष्ठी | युद्धस्य | युद्धयोः | युद्धानाम् |
सप्तमी | युद्धे | युद्धयोः | युद्धेषु |
सम्बोधन | हे युद्ध! | हे युद्धे! | हे युद्धानि! |
अजन्त (अकारांत) पुल्लिङ्ग् शब्द रूप (Shabd Roop)