चित्र शब्द के रूप | Chitra Shabd Roop in Sanskrit
Chitra Shabd Roop in Sanskrit – चित्र शब्द अकारांत नपुंसकलिंग संज्ञा शब्द है। सभी नपुंसकलिंग संज्ञाओ के रूप इसी प्रकार बनायें जाते हैं, जैसे- फल, ज्ञान, धन, जल, अन्न, हृदय, वन, कमल, कुल, कार्य, काल, कोमल, कौशल, क्षेत्र, ऋण, उपवन, नगर, गृह, खाद्य, चक्र, पुष्प, पत्र, कमल, बल, पुस्तक, दुग्ध, मित्र, मुख, नक्षत्र आदि।
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | चित्रम् | चित्रे | चित्राणि |
| द्वितीया | चित्रम् | चित्रे | चित्राणि |
| तृतीया | चित्रेण | चित्राभ्याम् | चित्रैः |
| चतुर्थी | चित्राय | चित्राभ्याम् | चित्रेभ्यः |
| पंचमी | चित्रात् / चित्राद् | चित्राभ्याम् | चित्रेभ्यः |
| षष्ठी | चित्रस्य | चित्रयोः | चित्राणाम् |
| सप्तमी | चित्रे | चित्रयोः | चित्रेषु |
| सम्बोधन | हे चित्र! | हे चित्रे! | हे चित्राणि! |
अजन्त (अकारांत) पुल्लिङ्ग् शब्द रूप (Shabd Roop)

