मुख शब्द के रूप | Mukh Shabd Roop in Sanskrit
मुख शब्द के रूप | Mukh Shabd Roop in Sanskrit
Mukh Shabd Roop in Sanskrit – मुख शब्द अकारांत नपुंसकलिंग संज्ञा शब्द है। सभी नपुंसकलिंग संज्ञाओ के रूप इसी प्रकार बनायें जाते हैं, जैसे- फल, ज्ञान, धन, जल, अन्न, हृदय, वन, कमल, कुल, कार्य, काल, कोमल, कौशल, क्षेत्र, ऋण, उपवन, नगर, गृह, खाद्य, चक्र, चित्र, चरित्र, छत्र, जन्म, जीवन, दुग्ध (दूध), दिन, द्वार, नगर, पत्र, पुष्प (फूल), पुस्तक, पद्य, बल, भय (Fear, डर), भवन (महल), भाग्य, भोजन, मनोहर, मन्दिर, मित्र, मुख, नक्षत्र आदि।
विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
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प्रथमा | मुखम् | मुखे | मुखानि |
द्वितीया | मुखम् | मुखे | मुखानि |
तृतीया | मुखेन | मुखाभ्याम् | मुखैः |
चतुर्थी | मुखाय | मुखाभ्याम् | मुखेभ्यः |
पंचमी | मुखात् / मुखाद् | मुखाभ्याम् | मुखेभ्यः |
षष्ठी | मुखस्य | मुखयोः | मुखानाम् |
सप्तमी | मुखे | मुखयोः | मुखेषु |
सम्बोधन | हे मुख! | हे मुखे! | हे मुखानि! |
अजन्त (अकारांत) पुल्लिङ्ग् शब्द रूप (Shabd Roop)