‘थ’ से शुरू होने वाले मुहावरें
‘थ’ से शुरू होने वाले मुहावरे (अर्थ एवं वाक्य प्रयोग सहित)
यहाँ ‘थ‘ शब्द के कुछ प्रसिद्ध मुहावरे और उनके अर्थ एवं वाक्य में प्रयोग सहित दिए जा रहे है।
1. थूक कर चाटना – कह कर मुकर जाना
वाक्य प्रयोग : कल मोनू थूक कर चाट गया, इसलिए अब उस पर कोई विश्वास नहीं करेगा।
2. थाली का बैंगन होना – ऐसा आदमी जिसका कोई सिद्धान्त न हो
वाक्य प्रयोग : आजकल के नेता जी तो थाली के बैंगन हैं।
3. थाह मिलना या लगना – भेद खुलना
वाक्य प्रयोग : दुनिया के वैज्ञानिकों ने थाह लगा ली है कि मंगल ग्रह पर पानी है।
4. थुक्का फजीहत होना – अपमान होना
वाक्य प्रयोग : रमेश थुक्का फजीहत होने से पहले ही चला गया।
5. थुड़ी-थुड़ी होना – बदनामी होना
वाक्य प्रयोग : जुआ खेलने के कारण रामलाल की हर जगह थुड़ी-थुड़ी हो रही है।
6. थक कर चूर होना – बहुत थक जाना
वाक्य प्रयोग : वैष्णो देवी की पैदल यात्रा करने के कारण मैं तो थककर चूर हो गया हूँ।
7. थर्रा उठना – अत्यंत भयभीत होना
वाक्य प्रयोग : आकाशीय बिजली गिरने से अचानक इतनी तेज धमाका हुआ कि दूर तक के लोग थर्रा उठे।
8. थाह लेना – मन का भव जानना
वाक्य प्रयोग : ईश्वर लोगों के मन की थाह अच्छी तरह से ले लेता है।
9. थैली का मुँह खोलना – खूब धन व्यय करना
वाक्य प्रयोग : सेठजी ने अपनी बेटी के विवाह में थैली का मुँह खोल दिया था।
10. थू-थू करना – घृणा प्रकट करना
वाक्य प्रयोग : कैलाश की जुआ खेलने की आदत के कारण सब लोग उस पर थू-थू करते हैं।
अन्य अक्षरों से मुहावरें
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