‘ए’ से शुरू होने वाले मुहावरें

‘ए’ से शुरू होने वाले मुहावरे (अर्थ एवं वाक्य प्रयोग सहित)

यहाँ ‘‘ शब्द के कुछ प्रसिद्ध मुहावरे और उनके अर्थ एवं वाक्य में प्रयोग सहित दिए जा रहे है।

'ए' से शुरू होने वाले मुहावरें

1. एक आँख से सबको देखना – सबके साथ एक जैसा व्यवहार करना
वाक्य प्रयोग : माँ अपने सभी बच्चों को एक आँख से देखती है।

2. एक लाठी से सबको हाँकना – उचित-अनुचित का बिना विचार किये व्यवहार
वाक्य प्रयोग : गर्वित तो हमेशा एक लाठी से सबको हाँकता है।

3. एक आँख न भाना – बिल्कुल अच्छा न लगना
वाक्य प्रयोग : छात्र का पढ़ाई नहीं करना अध्यापक को एक आँख नहीं भाता।

4. एड़ी चोटी का जोर लगाना – अत्यधिक परिश्रम करना
वाक्य प्रयोग : इंजीनियरिंग में उत्तीर्ण होने के लिए रीना ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया। 

5. एक और एक ग्यारह होना – आपस में संगठित होकर शक्तिशाली होना
वाक्य प्रयोग : किसी भी मुश्किल कार्य को करने के लिए हमें  एक और एक ग्यारह होकर रहना चाहिए।

6. एक तीर से दो शिकार करना – एक साधन से दो काम करना
वाक्य प्रयोग : मेरा मित्र पुलकित एक तीर से दो शिकार करने में माहिर है।

7. एक से इक्कीस होना – उन्नति करना
वाक्य प्रयोग : मेरे भाई का कारोबार अच्छा चलने लगा है, अब तो शीघ्र ही एक से इक्कीस हो जाएँगे।

8. एक ही थाली के चट्टे-बट्टे – एक जैसे स्वभाव के लोग
वाक्य प्रयोग : वहाँ तो सब एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं, सबके सब हमें परेशान करते रहते हैं।

9. एक ही नाव में सवार होना – एक जैसी परिस्थिति में होना
वाक्य प्रयोग : इस तूफ़ान में हम सब एक ही नाव में सवार हैं, अब जो होगा, देखा जायेगा।

10. एड़ियाँ घिसना या रगड़ना – बहुत दिनों से बीमार या परेशान होना
वाक्य प्रयोग : मेरा मित्र राम महीने भर से एड़ियाँ घिस रहा हैं, फिर भी उसे नौकरी नहीं मिली। 

11. एक से तीन बनाना – खूब नफा (मुनाफ़ा) करना
वाक्य प्रयोग : आजकल तो सेठ जी का व्यापार बहुत बढ़िया चल रहा है, अब तो वो एक से तीन बना रहे हैं।  

12. एक न चलना – कोई उपाय सफल न होना
वाक्य प्रयोग : वकील के सवालों के सामने मुजरिम की एक न चली।


अन्य अक्षरों से मुहावरें

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