‘ओ’ से शुरू होने वाले मुहावरे (अर्थ एवं वाक्य प्रयोग सहित)

यहाँ ‘ओ‘ शब्द के कुछ प्रसिद्ध मुहावरे और उनके अर्थ एवं वाक्य में प्रयोग सहित दिए जा रहे है।

'ओ' से शुरू होने वाले मुहावरें

1. ओखली में सिर देना – जान-बूझकर परेशानी में फँसना
वाक्य प्रयोग : पड़ोसी के झगड़े को निपटाने का बीड़ा उठा उसने मानो ओखली में सिर दे दिया |

2. ओर छोर न मिलना – रहस्य का पता न चलना
वाक्य प्रयोग : शैतान बच्चों की  योजनाओं का कुछ ओर-छोर नहीं मिलता।

3. ओस के मोती – क्षणभंगुर
वाक्य प्रयोग : मनुष्य का जीवन तो ओस के मोती के समान है।  


अन्य अक्षरों से मुहावरें

अ | आ | इ | ई | उ | ऊ | ए | ऐ | ओ | औ | क | ख | ग | घ | च | छ | ज | झ | ट | ठ | ड | ढ | त | त्र | थ | द | ध | न | प | फ | ब | भ | म | य | र | ल | व | श | ष | स | ह

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